वाराणसी के मणिकर्णिका घाट से जुड़ी कथित मंदिर तोड़फोड़ के एआई जनरेटेड वीडियो मामले में अब नया मोड़ आ गया है। योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद वाराणसी पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
AI जनरेटेड वीडियो और भ्रामक सूचना फैलाने का आरोप
The Hindustan Press को मिली जानकारी के अनुसार, मणिकर्णिका घाट को लेकर सोशल मीडिया पर फर्जी एआई वीडियो और तस्वीरें वायरल की गई थीं, जिससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और भ्रम फैलाने का आरोप है। इस मामले में चौक थाना में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 17 जनवरी को वाराणसी दौरे पर पहुंचे थे। इसी दौरान मणिकर्णिका घाट को लेकर कांग्रेस द्वारा विरोध प्रदर्शन भी किया गया था, जिसके बाद यह मामला और गरमा गया।
सीएम योगी बोले—भ्रम फैलाना अपराध
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे प्रकरण पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि फर्जी एआई वीडियो बनाकर भ्रम फैलाना अपराध है और इसमें शामिल लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से सनातन धर्म की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, जिसे सरकार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी।
कांग्रेस ने साधा सरकार पर निशाना
इस मामले को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मणिकर्णिका घाट काशी की आस्था का केंद्र है और यहां की मान्यताओं से पूरी दुनिया परिचित है।
अजय राय ने कहा कि काशी के लोग इस कार्रवाई से आक्रोशित हैं, क्योंकि मणिकर्णिका घाट सिर्फ एक स्थान नहीं बल्कि लोगों की अंतिम आस्था से जुड़ा हुआ स्थल है। उन्होंने मांग की कि घाट से जुड़ी किसी भी कार्रवाई को तत्काल रोका जाए और काशी के धर्माचार्यों से बातचीत कर आगे का निर्णय लिया जाए।
फिलहाल एआई वीडियो मामले में दर्ज मुकदमे के बाद पुलिस जांच में जुट गई है और आने वाले दिनों में इस मामले में और कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
