वाराणसी। काशी की आस्था और समृद्धि का प्रतीक मां अन्नपूर्णा मंदिर दीपावली पर एक बार फिर श्रद्धालुओं के लिए स्वर्णमयी रूप में सजने जा रहा है। पूरे वर्ष में केवल एक बार — दीपावली के अवसर पर — भक्तों को मां अन्नपूर्णा की स्वर्णमयी प्रतिमा के दर्शन का अवसर प्राप्त होता है। इस दौरान मंदिर परिसर में भक्तों को “खजाने का वितरण” भी किया जाता है, जिसे पवित्र और शुभ माना जाता है।
इस वर्ष खजाने के वितरण और दर्शन की शुरुआत 18 अक्टूबर धनतेरस से होगी और यह कार्यक्रम लगातार 5 दिनों तक चलेगा। इस अवधि में लाखों श्रद्धालु वाराणसी पहुंचकर माता के दर्शन और खजाने के प्रसाद का लाभ प्राप्त करेंगे।
मंदिर प्रशासन के अनुसार इस बार करीब 8 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और पुलिसकर्मी लगातार गश्त करेंगे।
दर्शन और खजाना प्राप्त करने का समय सुबह 5:00 बजे से रात 11:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे लाइन और सुरक्षा नियमों का पालन करें ताकि सभी को सुगम दर्शन प्राप्त हो सके।
वाराणसी के मां अन्नपूर्णा मंदिर का यह वार्षिक उत्सव न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि यह काशी की समृद्ध परंपरा, भक्ति और उदारता का प्रतीक भी है। दीपावली के इस पावन अवसर पर माता के स्वर्णमयी दर्शन हर भक्त के जीवन में समृद्धि और शांति का संदेश देते हैं।
